जब तारे झिलमिल झिलमिल हो ,वो थाम के मेरा हाथ चले !
मै कहता रहू वो सुनती रहे , बस संग हमारे रात चले !!
भीनी भीनी पुरवाई हो ,ये पवन भी कुछ बोराई हो !
चन्दा भी घटा मे छुप जाये ,जब मुझे देख शरमाई हो !
कभी चुप दोनो फिर नजर मिले ,और आँखों आँखों बात चले !!
बस संग हमारे रात चले !
मै कहता रहू वो सुनती रहे , बस संग हमारे रात चले !!
भीनी भीनी पुरवाई हो ,ये पवन भी कुछ बोराई हो !
चन्दा भी घटा मे छुप जाये ,जब मुझे देख शरमाई हो !
कभी चुप दोनो फिर नजर मिले ,और आँखों आँखों बात चले !!
बस संग हमारे रात चले !